बिहार : संगीत को साधना मानती हैं मिथिलांचल की मैथिली

बिहार के मिथिलांचल की बेटी मैथिली ठाकुर आज पहचान की मोहताज नहीं हैं। इन दिनों कलर्स टीवी चैनल पर सिंगिंग रियलटी शो ‘राइजिंग स्टार’ में विजयी बनने का सपना संजोए मैथिली इस प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा वोट लेने वाली प्रतिभागी बन चुकी हैं। मैथिली का मानना है कि संगीत एक साधना है और यहां आसानी से कुछ हासिल नहीं किया जा सकता। संगीत के क्षेत्र में अपने मधुर आवाज से बहुत ही कम समय में अपनी पहचान बना चुकीं मैथिली ठाकुर को संगीत विरासत में मिली है। बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी (उड़ेन) की रहने वाली मैथिली की प्रारंभिक संगीत शिक्षा उनके दादा बच्चा ठाकुर और पिता रमेश ठाकुर से मिली। मैथिली बताती हैं कि घर में संगीत के परिवेश में पली-बढ़ी होने के कारण बचपन से ही उनका लगाव संगीत से रहा है।

ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी मैथिली वर्तमान में दिल्ली में परिवार के साथ रहते हुए बाल भवन इंटरनेशनल स्कूल, द्वारका से पढ़ाई कर रही हैं। इसके अलावा मैथिली संगीत के क्षेत्र में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। वह प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद में पांचवें वर्ष की पढ़ाई भी कर ही हैं। शास्त्रीय संगीत को पसंद करने वाली मैथिली कहती हैं, “संगीत एक साधना है। संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए कोई ‘शॉर्टकट’ नहीं हो सकता है।”

मैथिली ठाकुर अब तक संगीत के क्षेत्र में कई विशिष्ट पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं। वह राष्ट्रीय स्तर के गायन शो ‘इंडियन आइडल जूनियर-2015’, ‘सारेगामापा’ सहित कई गायन रियलटी शो में अपनी प्रतिभा का जौहर दिखा चुकी हैं।

‘आई जीनियस यंग सिंगिंग स्टार’ जीतने के बाद यूनिवर्सल म्यूजिक द्वारा जारी मैथिली के ‘या रब्बा’ अलबम को लोगों ने काफी पसंद किया है। इस अलबम में ‘शैतानिया’ शीर्षक गीत को यू-ट्यूब पर अब तक 16 लाख से ज्यादा लोग देख और सुन चुके हैं।

मैथिली ने आईएएनएस से फोन पर हुई बातचीत में बिहारवासियों से बिहार की बेटी होने के नाते ‘राइजिंग स्टार’ लाइव शो के दौरान वोट करने की अपील की है।

इस सिंगिंग रियलटी शो के निर्णायक मुख्य रूप से दर्शक ही हैं। यह प्रतियोगिता आठ चक्रों तक चलेगी। कलर्स चैनल पर इस लाइव शो में मैथिली 40 प्रतिभागियों में शामिल हैं। इस शो में निर्णायक के रूप में शंकर महादेवन, मोनाली ठाकुर और दिलजीत दोसांझ हैं।

मिथिला के विकास के लिए काम कर रही संस्था ‘मिथिलालोक फाउंडेशन’ के चेयरमैन डॉ़ बीरबल झा ने भी लोगों से मैथिली को ‘राइजिंग स्टार’ बनाने की लोगों से अपील की है और कहा है कि मैथिली में वे सब गुण हैं, जिससे मिथिला को संगीत के क्षेत्र में वह आगे तक ले जा सकती हैं।

मैथिली के पिता रमेश ठाकुर कहते हैं कि उनकी इच्छा मैथिली को संगीत के क्षेत्र में काफी ऊपर देखने की है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मैथिली इस कला को और आगे बढ़ाए। उनका कहना है कि बहुत से ऐसे लोग भी हैं, जिनकी आवाज अच्छी है परंतु वे मार्गदर्शन के अभाव में आगे नहीं बढ़ पाए।

उनकी इच्छा है कि भविष्य में मैथिली ऐसे लोगों के लिए मार्गदर्शक बने, जिससे संगीत की दुनिया और बड़ी हो सके।