थोक महंगाई दर मामूली घटकर 2.47 फीसदी

April 16 2018

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देश के थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति की दर में मार्च में मामूली गिरावट दर्ज की गई है और यह 2.47 फीसदी रही, जो इसके पिछले महीने में 2.48 फीसदी थी। 

वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से सोमवार को जारी अांकड़े के मुताबिक, डब्ल्यूपीआई महंगाई दर साल 2017 के मार्च में 5.11 फीसदी रही थी, जो वर्तमान दर के मुकाबले दोगुनी है। 

मंत्रालय ने रपट में कहा है, "मासिक डब्ल्यूपीआई के आधार पर सालाना मुद्रास्फीति दर 2018 के मार्च में 2.47 फीसदी रही, जबकि पिछले महीने यह 2.48 फीसदी रही थी। पिछले साल के समान महीने में यह 5.11 फीसदी रही थी।"

रपट में कहा गया है, "मासिक डब्ल्यूपीआई पर आधारित मुद्रास्फीति की वार्षिक दर 2018 के मार्च में 2.47 फीसदी (अनंतिम) थी, जो पिछले महीने में 2.48 फीसदी (अनंतिम) थी और पिछले साल की समान अवधि में 5.11 फीसदी थी।"

बयान में कहा गया है, "अंतर्निहित मुद्रास्फीति चालू वित्त वर्ष में अब तक 2.47 फीसदी है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 5.11 फीसदी थी।"

क्रमिक आधार पर, प्राथमिक वस्तुओं (डब्ल्यूपीआई में कुल 22.62 फीसदी भार) पर खर्च में 0.24 फीसदी की मामूली बढ़ोतरी हुई है, जबकि फरवरी में इसमें 0.79 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। 

आंकड़ों से पता चलता है कि समीक्षाधीन माह में खाद्य पदार्थो की कीमतों में 0.29 फीसदी की गिरावट हुई है, जबकि इसके पिछले महीने इसमें 0.88 फीसदी की वृद्धि हुई थी। 

साल-दर-साल आधार पर प्याज की कीमतों में 42.22 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि आलू की कीमतों में 43.25 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। 

इसके विपरीत, कुल मिलाकर सब्जियों की कीमतों में मार्च में 2.70 फीसदी की गिरावट रही, जबकि एक साल पहले के समान माह में इसमें 0.50 फीसदी की गिरावट थी।

इसी प्रकार से, प्रोटीन आधारित खाद्य पदार्थो जैसे अंडे, मांस, चिकन और मछली की कीमतों में समीक्षाधीन माह में 0.82 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। 

डब्ल्यूपीआई के अंतर्गत अन्य प्रमुख समूह विनिर्मित उत्पाद, जिसका सूचकांक में 64.24 फीसदी भार है, में रिकार्ड 3.03 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। 

इसकी उपश्रेणी विनिर्मित खाद्य उत्पाद की कीमतों में 0.31 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। 

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा 12 अप्रैल को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि मार्च में खुदरा महंगाई दर घटकर 4.28 फीसदी रही, जबकि फरवरी में यह 4.44 फीसदी थी। 

हालांकि, साल-दर-साल आधार पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पिछले महीने बढ़कर 3.89 फीसदी रहा। वहीं, उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक मार्च में घटकर 2.81 फीसदी रहा, जबकि फरवरी में यह 3.26 फीसदी रहा था।

उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर के मुताबिक, डब्ल्यूपीआई में लगातार गिरावट इस बात का संकेत है कि "सरकार ने पिछले कुछ सालों के दौरान अर्थव्यवस्था की आपूर्ति की समस्याओं को हल करने के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी उपाय किए हैं।"

पीएचडी चैंबर के अध्यक्ष अनिल खेतान के हवाले से एक बयान में कहा गया है, "अनाज और दालों सहित खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति में गिरावट इस बात का संकेत है कि सरकार ने कृषि क्षेत्र पर सही ढंग से ध्यान दिया है। आगे हम औद्योगिक विकास को मजबूती प्रदान करनेवाली मौद्रिक नीति की उम्मीद कर रहे हैं।"

इंडिया रेटिंग्स के निदेशक (पब्लिक फाइनेंस) और प्रमुख अर्थशास्त्री सुनील कुमार सिन्हा ने कहा, "2018 के मार्च में खुदरा महंगाई में जहां 16 आधार अंकों की गिरावट रही, वहीं थोक मुद्रास्फीति दर सपाट रही।"

आईसीआरए की प्रमुख अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, "पिछले महीने आई तेजी के बाद मार्च में कोर-डब्ल्यूपीआई मुद्रास्फीति तीन महीनों के निम्नतम स्तर 3.6 फीसदी रही, जबकि फरवरी में यह 3.9 फीसदी पर थी। जोकि एक अनुकूल आधार प्रभाव को दर्शाती है। साथ ही कई उप-क्षेत्रों में भी यही चलन देखा गया, जिसमें वस्त्र, आधारभूत धातु, फैब्रिकेटेड धातु उत्पाद और मोटर वाहन, ट्रेलर और सेमी ट्रेलर शामिल हैं।"

  • Source
  • आईएएनएस

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