राशि आवंटन के मामले में चंडीगढ़ को नजरअंदाज किया गया : पवन बंसल

May 16 2019

Download Vishva Times App – Live News, Entertainment, Sports, Politics & More

चंडीगढ़ से कांग्रेस के प्रत्याशी और पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि राशि आवंटन के मामले में चंडीगढ़ को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया और देश के सबसे पुराने विश्वविद्यालय में से एक पंजाब विश्वविद्यालय में भी राशि की कमी है।


केंद्र से चंडीगढ़ के लिए राशि मुहैया करवाने के अलावा शहर की पुरानी प्रतिष्ठा को वापस लाना बंसल की मुख्य प्राथमिकता है।


बंसल ने यहां मंगलवार को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "मैं केंद्र से शहर की शिक्षा, स्वास्थ्य और सर्वागीण विकास के लिए आवश्यक फंड लाऊंगा।"


चार बार के सांसद ने कहा, "मेरे एजेंडों में सार्वजनिक जगहों पर कूड़े के लिए जीरो टोलेरेंस के साथ शहर का तत्काल सौंदर्यीकरण भी शामिल है।"


उन्होंने फंड आवंटित करने, कनेक्टिविटी और स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में उन्नयन के मामले में केंद्र पर चंडीगढ़ को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।


बंसल ने कहा कि 137 वर्षीय पुराने पंजाब विश्वविद्यालय का अस्तित्व संकट में है।


यहां 19 मई को होने वाले चुनाव के लिए त्रिकोणीय मुकाबला है। भाजपा ने अपनी मौजूदा सांसद किरण खेर को प्रत्याशी बनाया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के सहारे चुनावी दंगल जीतना चाहती हैं। आम आदमी पार्टी (आप) ने यहां पूर्व विमानन मंत्री हरमोहन धवन को खड़ा किया है।


बंसल ने कहा, "मैं भारत में किसी मोदी फैक्टर के बारे में नहीं जानता हूं। चंडीगढ़ में, लोगों का मानना है कि बीते पांच वर्षो में उन्हें नीचा दिखाया गया।"


उन्होंने कहा, "चंडीगढ़ के निवासियों को ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो शहर के साथ खुद को जोड़ सके और लोगों के खुशी व गम को साझा कर सके। उन्हें 'मैन नेक्स्ट-डोर' की जरूरत है।"


उन्होंने कहा, "अगर पिछले लोकसभा में कोई मोदी फैक्टर था तो, इस चुनाव में ऐसा कुछ नहीं है, क्योंकि लोग जानते हैं कि सत्तारूढ़ पार्टी की सांसद होने के बावजूद, चंडीगढ़ को बुरी तरह नजरअंदाज किया गया और किरण खेर का प्रदर्शन निराशाजनक है।"


प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में बंसल के भांजे की संलिप्तता वाले धनशोधन मामले में 89.68 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की थी, जिस पर उन्होंने कहा, "इस बारे में टाइमिंग सबकुछ बताता है।"

  • Source
  • आईएएनएस

FEATURE

MOST POPULAR