फीफा विश्व कप : पदार्पण करते हुए छाप छोड़ना चाहेगा पनामा

June 12 2018

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कई वर्षो से मैदान में पसीन बहाने के बाद आखिरकार पनामा को फीफा विश्व कप में इस साल एंट्री मिल गई और अब इस ऐतिहासिक मौके को यादगार बनाने का जिम्मा उन 23 खिलाड़ियों पर होगा जिन्हें रूस में पहली बार देश की जर्सी में इतने बड़े टूर्नामेंट में देश का प्रतिनिधित्व करना है। पहली बार विश्व कप में खेलने का दवाब अलग होता है। ऐसे में खुशी और दवाब के बीच पनामा के पास इस टूर्नामेंट के माध्यम से पूरे विश्व कप में अपनी छाप छोड़ने का मौका है। 


पनामा ने कानकाकैफ में कोस्टा रिका को 2-1 से मात देकर पहली बार विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया था। पनामा में फुटबाल बेहद चर्चित खेल है और इस दिवाने देश में विश्व कप के लिए क्वालीफाई करना किसी जश्न से कम नहीं था। 


रूस में हालांकि उसकी चुनौती किसी भी लिहाज से आसान नहीं है। उसे ग्रुप में बेल्जियम, ट्यूनिशिया और इंग्लैंड के साथ रखा गया है। इन तीन दिग्गज टीमों के खिलाफ मैच जीतना या ड्रॉ कराना ही पनामा के लिए बड़ी बात होगी। 


टीम में युवा खिलाड़ियों और अनुभव का अच्छा मिश्रण है। गोलकीपर जैमी पेनेडो (36 साल), डिफेंडर फेलिपे बालोय (37), ब्लास पेरेज (37) और कप्तान रोमान टोरेस के रूप में टीम के पास अनुभवी खिलाड़ी हैं। वहीं युवा खिलाड़ियों की बात की जाए तो मिग्युएल कामार्गो (24), मिशेल मुरिलो (22) और रिकाडरे अविला (21) के रूप में युवा और जोशिले खिलाड़ी हैं जो पहली बार विश्व कप के अनुभव को यादगार बनाने के लिए ऊतारू हैं। 


लेकिन समस्या इतने बड़े टूर्नामेंट में पहली बार खेलने की है। टीम में बेशक अनुभवी खिलाड़ी हों, लेकिन विश्व कप का अनुभव एक भी खिलाड़ी को न होना पनामा के लिए परेशानी है। 


कप्तान टोरेस के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। वह टीम के स्टार खिलाड़ी हैं जो डिफेंस को मजबूत रखते हैं। उनके पास गेंद को मैदान के किसी भी कोने से कहीं भी ले जाने की आजादी है। सेंटर मिडफील्ड में अरमानडो कूपर टीम को मजबूती देंगे। इडगर योएल बर्सेनास और जोस लुइस रोड्रिगेज जैसे युवा खिलाड़ियों ने अपने खेल से काफी प्रभावित किया। ऐसे में उनसे भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीदें बढ़ गई हैं। 


मैदान पर तेजी और तालमेल हालांकि इस टीम की सबसे बड़ी समस्या है। हाल ही में दोस्ताना मैचों में इसकी बानगी देखने को मिली। ईरान ने पनामा को 2-1 से मात दी तो वहीं डेनमार्क ने 1-0 से हराया। इसके बाद स्विट्जरलैंड ने उसे 6-0 से हराया। 


इन हारों से निकल कर पनामा को विश्व कप की नई शुरुआत करनी होगी। इस टीम पर न सिर्फ अपने देश का मान रखने की जिम्मेदारी है बल्कि वो मौका है जो पनामा की आने वाली पीढ़ी के लिए उदाहरण साबित हो सकता है और इसे फुटबाल का और मजबूत देश बना सकता । 


सिर्फ वर्तमान ही नहीं इस टीम के हाथ में पनामा का भविष्य भी है। पनामा को अपना पहला मैच 18 जून को बेल्जियम के खिलाफ खेलना है। वहीं 24 जून को वह इंग्लैंड और फिर 28 जून को ट्यूनिशिया से भिड़ेगा।


टीम : 


गोलकीपर : जेइमे पेनेडो, जोस काल्डेरोन, एलेक्स रोड्रिगेज। 


डिफेंडर : मिशेल मुरिलो, हारोल्ड कमिंग्स, फिडेल इस्कोबर, रोमान टोरेस, एडोल्फो माचाडो, एरिक डेविस, लुइस ओवाले, फेलिपे बालोय। 


मिडफील्डर : गेब्रिएल गोमेज, एडग्र बार्केनेस, अरमांडो कूपर, वालेंटिन पिमेंटल, अल्बटरे क्लिवंटेरो, अनिबल गोडोय, जोस लुइस रोड्रिगेज। 


फॉरवर्ड : ब्लास पेरेज, गेब्रिएल टोरेस, इस्माएल डिएज, अबडिएल अरोय, लुइस तेजाडा। 



  • Source
  • आईएएनएस

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