गुरुग्राम : भाजपा सांसद राव इंद्रजीत की राह आसान नहीं

April 25 2019

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद राव इंद्रजीत सिंह को हरियाणा के गुरुग्राम लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी कैप्टन अजय सिंह यादव से कड़ी चुनौती मिल रही है। इस सीट पर 27 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के उम्मीदवार रेवाड़ी के यादव समुदाय से आते हैं, इसलिए जिले में यादव के वोट बंट सकते हैं। 


इंद्रजीत सिंह हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री राव बिरेंद्र सिंह के दूसरे पुत्र हैं। उनके बड़े भाई राव अजीत सिंह इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के सदस्य हैं, जबकि छोटे भाई राव यजुवेंद्र सिंह कोसली से कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं। 


गुरुग्राम लोकसभा क्षेत्र गुरुग्राम, रेवाड़ी और नूह जिलों में फैला हुआ है। गुरुग्राम में 10,82,870 मतदाता हैं तो रेवाड़ी में 6,46,239 और नूह में 53,109 मतदाता हैं। 


राजनीति विशेषज्ञ पवन सचदेवा कहते हैं, "दोनों भाइयों के एक दूसरे के विरोधी खेमे में होने के कारण खासतौर से रेवाड़ी में इंद्रजीत के लिए जीत की राह आसान नहीं है। हालांकि, रेवाड़ी में हाल ही में हुई यादव की रैली में शामिल हुए यजुवेंद्र के बेटे राव अर्जुन सिंह ने उनको अपना समर्थन देने की घोषणा की।"


इस बीच, गुरुग्राम के मानेसर इलाके के 72 गांवों के लोगों ने चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। 


प्रधानमंत्री की प्रमुख योजना के तहत इंद्रजीत द्वारा गोद लिए गए बोलनी गांव के दौरे के दौरान लोगों ने बहिष्कार का कारण बताया। 


स्थानीय निवासी जीतू यादव ने कहा, "गांव को गोद लिए साढ़े चार साल हो गए हैं, लेकिन हमें अब तक पेयजल आपूर्ति, और सीवर लाइन जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिली हैं। हमें दिन में सिर्फ दो-तीन घंटे बिजली मिलती है। राज्य सरकार ने दो भवनों में अटल सेवा केंद्र खोला है, यह केंद्र हमेशा बंद रहता है।"


संसदीय क्षेत्र के मेवात इलाके में रेल मार्ग और हरियाणा के सबसे पिछड़े जिले नूह में पानी की नहर का वादा किया गया था, जिसको लेकर इंद्रजीत को 2014 में अल्पसंख्यक समुदाय ने वोट दिया था। 


लेकिन वादे को नजरंदाज करते हुए हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार ने हाल ही में पलवल के असावटी रेलवे स्टेशन को मानेसर, सोहना और बल्लभगढ़ होते हुए रेवाड़ी से जोड़ने की योजना बनाई है, जिसमें नूह का कोई भी हिस्सा नहीं आता है। 


मेवात का इलाका अलवर, भरतपुर, पलवल और गुरुग्राम व फरीदाबार के कुछ हिस्सों तक फैला हुआ है, जहां कई लोग मॉब लिंचिंग की घटनाओं के शिकार हुए हैं, जिनमें पहलू खान (बहोर), रकबर खान (अलवर), जुनैद (असावटी) शामिल हैं। 


इन दुखद घटनाओं की गूंज चुनाव के दौरान देखने को मिल सकती है। 


फिरोजपुर झिरका के एक राजनीतिक जानकार राजूदीन खान ने कहा, "इस इलाके में 80-84 फीसदी मतदान पहले हो चुका है और इस बार मतदान में इजाफा होने की उम्मीद है। इलाके में 80 फीसदी मतदाता मुस्लिम हैं और वे भाजपा के पक्ष में वोट नहीं कर सकते हैं।"


उन्होंने कहा कि जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के मुस्लिम उम्मीदवारों का इतना बड़ा वोट बैंक नहीं है कि वे कांग्रेस को नुकसान पहुंचा सकें। 


खान ने कहा, "लोग उन्हीं उम्मीदवारों को वोट करेंगे, जिनके जीतने की संभावना है। कोई अपना वोट खराब नहीं करना चाहता है।"


यादव ने कहा, "भाजपा सरकार ने वादे किए लेकिन वे जमीनी स्तर पर एक भी वादे को पूरा करने में विफल रहे। इसके अलावा, नोटबंदी, जीएसटी लागू होने, महंगाई, बेरोजगारी और बिजली के बिलों में बढ़ोतरी से पिछले पांच साल में आमलोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।"


हालांकि इंद्रजीत सिंह ने सत्ता विरोधी लहर की रपट सिरे से खारिज कर दी है। 


उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ने कई ढांचागत परियोजनाओं को पूरा किया है, जिनमें गुरुग्राम स्थित राजीव चौक, सिग्नेचर चौक, इफको चौक और होंडा चौक पर अंडरपास शामिल हैं। हमने काफी समय से लंबित द्वारका एक्सप्रेसवे और केएमपी एक्सप्रेसवे को मंजूरी दिलाई है।"

  • Source
  • आईएएनएस

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