आवक जोर पकड़ने से गेहूं के भाव में नरमी के आसार

April 15 2018

Download Vishva Times App – Live News, Entertainment, Sports, Politics & More

देशभर की अनाज मंडियों में गेहूं की नई फसल की आवक जोर पकड़ने से बाजार भाव में नरमी आई है। पिछले 15 दिनों में गेहूं की कीमतों में करीब 100 रुपये प्रति कुंटल की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि अनाज करोबारी बताते हैं कि सिर्फ मिल क्वालिटी गेहूं के भाव में नरमी देखी जा रही है। अच्छी व प्रीमियम क्वालिटी के गेहूं के दाम ऊपर बने हुए हैं। कारोबारियों ने बताया कि चालू रबी विपणन वर्ष 2018-19 में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1625 रुपये से बढ़ाकर 1735 रुपये प्रति कुंटल किए जाने और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से किसानों को गेहूं का भाव 2,000 रुपये प्रति कुंटल देने का वादा करने के बाद भावों में शुरुआत में तेजी दिखी, मगर आवक जैसे-जैसे बढ़ रही है वैसे-वैसे कीमतों में गिरावट आ रही है। 

देश में सबसे बड़े गेहूं उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में गेहूं की प्रमुख मंडी शाहजहांपुर में शुक्रवार को अनाज व्यापारियों ने मिल क्वालिटी गेहूं 1,570-1,600 रुपये प्रति कुंटल के भाव पर किसानों से खरीदा, वहीं सीजन की शुरुआत में 1,650-1,700 रुपये प्रति कुंटल पर यहां इस साल गेहूं बिका। 

देश की राजधानी दिल्ली में ज्यादातर गेहूं उत्तर प्रदेश की मंडियों से ही आता है। यहां लॉरेंस रोड मंडी में मिल क्वालिटी का भाव शुक्रवार को 1,760 रुपये प्रति कुंटल था। मंडी के अनाज कारोबारी सुनील ने बताया कि एक महीने पहले गेहूं 1,900 रुपये कुंटल के भाव बिक रहा था। 

दूसरे सबसे बड़े उत्पादक राज्य मध्यप्रदेश की उज्जैन मंडी में शुक्रवार को मिल क्वालिटी गेहूं 1,580-1,625 रुपये प्रति कुंटल, लोकवान 1,650-2,000 रुपये प्रति कुंटल, डूरम 1,600-2050 रुपये प्रति कुंटल और शरबती 2,000-2,700 रुपये प्रति कुंटल के भाव किसानों से खरीदे गए। 

वहीं, राजस्थान में कोटा, बूंदी और बारन में मिल क्वोलिटी गेहूं शुक्रवार को 1,520-1,530 रुपये प्रति कुंटल, लोकवान 1,700-1,730 रुपये प्रति कुंटल और डूरम 1,650-1,700 रुपये प्रति कुंटल पर किसानों ने व्यापारियों को बेचा। 

उधर, सरकारी एजेंसियों की खरीद भी तेज हो गई और 15 अप्रैल से पंजाब में गेहूं की सरकारी खरीद जोर पकड़ने की उम्मीद है। मालूम हो कि देश में सबसे ज्यादा गेहूं की सरकारी खरीद पंजाब और हरियाणा में ही होती है। 

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्य सरकार की एजेंसियों ने चालू गेहूं खरीद सीजन 2018-19 में 12 अप्रैल तक देशभर में 32.94 लाख टन गेहूं की खरीद की। पिछले सप्ताह तक सरकारी एजेंसियों ने प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में कुल 13.15 लाख टन गेहूं खरीदा था। 

इस साल केंद्र सरकार ने पिछले साल के 308 लाख टन के मुकाबले 320 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा है, जिसमें सबसे ज्यादा पंजाब में 119 लाख टन और हरियाणा में 74 लाख टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मगर, दोनों प्रदेशों में इस साल गेहूं की पैदावार अच्छी होने के कारण पंजाब सरकार ने हाल ही में 130 लाख टन और हरियाणा सरकार ने 80 लाख टन गेहूं की खरीद की घोषणा की है। पिछले साल पंजाब में 117 और हरियाणा में 74.32 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई थी। 

इस साल देश में 100 करोड़ टन गेहूं का उत्पाद होने की उम्मीद की जा रही है, जबकि रकबा पिछले साल से 4.27 फीसदी घटकर 304.29 लाख हेक्टेयर रह गया है। 

  • Source
  • आईएएनएस

FEATURE

MOST POPULAR