टेस्ला के सीएफओ दीपक आहूजा की 'सेवानिवृत्ति' के साथ भारत का सपना खत्म

February 01 2019

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टेस्ला के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क ने घोषणा की है कि उनके मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी (सीएफओ) दीपक आहूजा दोबारा सेवानिवृत्ति ले रहे हैं। एलन ने भारतीय मूल के दीपक को यह पता लगाने की जिम्मेदारी दी थी कि क्या भारतीय सड़कों पर कंपनी की इलेक्ट्रिक कारें चल सकती हैं। पर्दे के पीछे रहने को प्राथमिकता देने वाले आहूजा हालिया सरकार और अन्य प्रमुख साझेदारों से यह जानने के लिए वर्ष में दो बार भारत आए थे कि क्या वे टेस्ला को भारत में प्रवेश देना चाहते हैं।

मस्क टेस्ला को 2017 में भारत लाना चाहते थे और टेस्ला के सेन कार्लोस मुख्यालय में काम करने वाले आहूजा ने 2015 में कंपनी से इस्तीफा दे दिया था और 2017 में कंपनी से दोबारा जुड़ गए थे। आहूजा इस परियोजना में मस्क के प्रमुख और सक्षम सहकर्मी थे।

पिछले साल मई में, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने कहा था कि वे अभी भी भारत में इलेक्ट्रिक कार लाना चाहते हैं लेकिन सरकार के कठोर नियमों के कारण उन्हें परियोजनाओं को रोकना पड़ा।

मस्क ने ट्विटर हैंडल पर नो टेस्ला इन इंडिया लिखने वाले एक यूजर को प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "भारत में आना पसंद करूंगा, लेकिन दुर्भाग्य से सरकार के कुछ कठोर नियम।"

स्पेसएक्स के संस्थापक मस्क ने कहा, "हमारे सीएफओ दीपक आहूजा भारत से हैं। उनकी पुष्टि मिलते ही हम भारत में होंगे।"

फोर्ड मोटर कंपनी में 15 साल काम करने के अनुभव के साथ ऑटो इंडस्ट्री फाइनेंस अधिकारी आहूजा ने 2008 में टेस्ला से कंपनी के पहले सीएफओ के तौर पर जुड़े थे।

उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) से स्नातक की डिग्री ली है, नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के रॉबर्ट आर. मैककॉर्मिक स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड एप्लाइड साइंस से स्नातकोत्तर और कर्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी से एमबीए किया है।

मस्क ने 2017 में कहा था कि टेस्ला कार गर्मियों में भारत में आ सकती हैं लेकिन उसके बाद कोई खबर नहीं आई।

मस्क ने बाद में भारतीय बाजार में टेस्ला के प्रवेश में देरी के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों पर आरोप लगाया था।

उन्होंने ट्वीट किया था, "शायद मुझे गलत जानकारी दी गई थी, लेकिन मुझे बताया गया था कि 30 फीसदी हिस्से स्थानीय बाजारों से ही लिए जाने चाहिए और भारत में अभी भी इसका समर्थन करने के लिए आपूर्ति नहीं है।"

मेक इन इंडिया के ट्विटर हैंडल ने मस्क को प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, "एलन मस्क, भारत में टेस्ला को लांच करने की योजनाओं में देरी की खबरों के संबंध में, कृपया कुछ प्रमुख स्पष्टीकरण नोट करें।"

टेस्ला के भारत में मॉडल 3 के साथ आने की संभावना थी जिसकी कीमत लगभग 35,000 डॉलर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में कैलिफोर्निया में पालो अल्टो स्थित टेस्ला के मुख्यालय का दौरा किया था और मस्क से मुलाकात की थी। मस्क ने मोदी को कंपनी के इलेक्ट्रिक कार निर्माण संयंत्र का दौरा कराया था।

मस्क ने बाद में लिखा, "प्रधानमंत्री मोदी और मैंने इलेक्ट्रिसिटी पीढ़ी पर बात की और सेलफोन की तरह इसके साथ आगे जाने के तरीकों पर बात की।"

मस्क ने बुधवार को कहा कि आहूजा की सेवानिवृत्ति तत्काल नहीं होगी और वे कंपनी के वरिष्ठ सलाहकार के तौर पर काम करते रहेंगे।

अहूजा ने कहा, "इस बदलाव के लिए अच्छा समय नहीं है। यह एक नया अध्याय, नया साल है।"

इस प्रकार भारत का टेस्ला का सपना एक बार फिर दफन हो गया।

  • Source
  • आईएएनएस

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