कृषि क्षेत्र से अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा : कैलाश चौधरी

April 10 2020

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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी का कहना है कि कोरोना संकट के बीच जब सारी आर्थिक गतिविधियां चरमरा गई हैं, उस समय केंद्र सरकार ने खेती-किसानी और इससे जुड़े क्षेत्रों को देशव्यापी लॉकडाउन छूट दे रखी है, ताकि लोगों को खाने-पीने व जरूरत की वस्तुओं की कमी न हो पाए।

उन्होंने कहा है कि आने वाले दिनों में कृषि क्षेत्र से देश की अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा, क्योंकि संकट के समय भी यह क्षेत्र बेसर है।

कैलाश चौधरी ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि देश के किसानों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए केंद्र सरकार लॉकडाउन के आरंभिक दिनों से ही प्रयासरत है और रोज इसकी समीक्षा की जा रही है।

इस समय रबी फसलों, खासतौर से गेहूं की कटाई का पीक सीजन चल रहा है और लॉकडाउन को लेकर मजदूरों का एक जगह से दूसरी जगह आना-जाना बंद है। ऐसे में गेहूं की कटाई में मजदूरों की किल्लत की समस्या को लेकर पूछे गए सवाल पर चौधरी ने कहा, ''हाल ही में पूरे देश के कृषि मंत्रियों से हमने किसानों की समस्याओं को लेकर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की, जिसमें किसी ने यह नहीं बताया कि मजदूरों के अभाव में कटाई बाधित है।''

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री ने कहा कि गेहूं की कटाई मशीनरी से होती है और मशीनरी की खरीद, मरम्मत और एक से दूसरी जगह ले जाने संबंधी सारी छूट दी गई है, जिससे किसानों को कटाई में कोई दिक्कत नहीं आएगी।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से रबी फसल की कटाई ही नहीं, उसकी खरीद में भी कोई कठिनाई नहीं आएगी क्योंकि इसकी छूट दी गई है।

चौधरी ने कहा, ''गेहूं की खरीद के लिए राज्यों को एडवायजरी दी गई है कि वे पंचायत स्तर पर भी सहकारी संगठनों के माध्यम से खरीद सकती है। राज्य सरकारें स्वतंत्र हैं कि वे जिस एजेंसी से चाहे गेहूं खरीद सकती हैं। यह फैसला राज्य सरकारें लेंगी कि उनको कब से खरीद शुरू करनी है।''

रबी विपणन वर्ष 1920-21 में गेहूं की सरकारी खरीद हर साल की तरह एक अप्रैल से आरंभ होने वाली थी, मगर लॉकडाउन के कारण अभी किसी राज्य में शुरू नहीं हो पाई है। मध्यप्रदेश, पंजाब और हरियाणा से मिली जानकारी के अनुसार, लॉकडाउन समाप्त होने पर 15 अप्रैल के बाद ही शुरू हो पाएंगी।

मोदी सरकार के युवा मंत्रियों में शुमार कैलाश चौधरी किसानों की समस्या को लेकर हमेशा आगे रहते हैं। राजस्थान और गुजरात में फसलों पर टिडिडयों के हमले से किसानों को निजात दिलाने के लिए उन्होंने सीमावर्ती इलाके में ड्रोन तैनात करवा दिया था।

चौधरी ने बताया कि किसानों की हर समस्या का सरकार समाधान कर रही है और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) के करीब सात करोड़ लाभार्थी किसानों के बैंक खाते में 14,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए चलाई गई सभी योजनाओं का उनको लाभ मिल रहा है।

पार्सल ट्रेन से किसानों को होने वाले फायदे को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इससे फल-सब्जी, दूध समेत खराब होने वाले कृषि उत्पादों का परिवहन सुगम होगा तो निस्संदेह किसानों को फायदा होगा, क्योंकि इससे उनको इन उत्पादों का उचित भाव मिलेगा।

कैलाश चौधरी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा छूट कृषि और इससे संबंधित क्षेत्र को दी गई है और जहां अर्थव्यवस्था के अनेक अन्य क्षेत्रों की गतिविधियां तकरीबन ठप पड़ी हुई हैं, वहीं खेती-किसानी से जुड़ा कार्य चल रहा है।


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  • Source
  • आईएएनएस

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